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आओ करें श्री कृष्ण का स्वागत
Jul 19, 2020
admin
Songs and Prayers
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on आओ करें श्री कृष्ण का स्वागत
Table of Contents
1.
आओ करे श्री कृष्ण का स्वागत
2.
श्री अच्युत गोविन्द दास। इस्कॉन बैंगलोर।
2.1.
On the occasion of
2.2.
Digital Sri Krishna Janmashtami celebrations of ISKCON Bangalore
2.2.1.
हर्ष के पादप फिर उग उठे हैं मन में खिली है उमंग कली, देखो फिर कृष्णोत्सव आया स्वागत में जुटी भक्त मंडली ।
2.2.2.
–
2.2.3.
कृष्ण पक्ष की तिथि अष्टमी अमावस की रंजित रजनी, नील – नभ में मधुर ध्वनि जब शृंगार करे माँ अवनि ।
2.2.4.
–
2.2.5.
मन मरुस्थल में अब सींच गया ,मंजुल मधुवन, श्री कृष्ण के स्वागत में प्रांगण हुआ वृंदावन ।
2.2.6.
–
2.2.7.
गगन सघन घन गर्जन से नृत्य को मन- मयूर है आतुर, स्वागत में श्री घनश्याम की फुट रहें अब भक्ति अंकुर ।
2.2.8.
–
2.2.9.
स्वागत में देखो रंगी रंगोली सबके आंगन घर- द्वार, उत्सव की राह देख रहे सभी पशु, नर और नार ।
2.2.10.
–
2.2.11.
मेघ बरस कर बूंद गिराते धरती करती अभिनंदन, अंजुलि में भर राग प्रीत का करबद्ध करें सब अभिवंदन ।
2.2.12.
–
2.2.13.
मृदंग तरंग के धुन से बज रहा स्वागत संगीत, हृदय की कोमल थाली में खिल रहें पुहुप पुनीत ।
2.2.14.
–
2.2.15.
मन चमन में फूल खिले हैं और नेत्रों में प्रेम क्रंदन, पूजा थाल लिए खड़े सब सजा कर तिलक और चंदन ।
2.2.16.
–
2.2.17.
जन्माष्टमी के इस महापर्व में सम्पूर्ण हुए आवभगत, आओ मिलकर करें सब श्री कृष्ण का हार्दिक स्वागत ।
2.2.18.
–
2.2.19.
अच्युत गोविंद दास (इस्कॉन बैंगलोर)
आओ करे श्री कृष्ण का स्वागत
श्री अच्युत गोविन्द दास। इस्कॉन बैंगलोर।
On the occasion of
Digital Sri Krishna Janmashtami celebrations of ISKCON Bangalore
हर्ष के पादप फिर उग उठे हैं
मन में खिली है उमंग कली,
देखो फिर कृष्णोत्सव आया
स्वागत में जुटी भक्त मंडली ।
–
कृष्ण पक्ष की तिथि अष्टमी
अमावस की रंजित रजनी,
नील – नभ में मधुर ध्वनि
जब शृंगार करे माँ अवनि ।
–
मन मरुस्थल में अब
सींच गया ,मंजुल मधुवन,
श्री कृष्ण के स्वागत में
प्रांगण हुआ वृंदावन ।
–
गगन सघन घन गर्जन से
नृत्य को मन- मयूर है आतुर,
स्वागत में श्री घनश्याम की
फुट रहें अब भक्ति अंकुर ।
–
स्वागत में देखो रंगी रंगोली
सबके आंगन घर- द्वार,
उत्सव की राह देख रहे
सभी पशु, नर और नार ।
–
मेघ बरस कर बूंद गिराते
धरती करती अभिनंदन,
अंजुलि में भर राग प्रीत का
करबद्ध करें सब अभिवंदन ।
–
मृदंग तरंग के धुन से
बज रहा स्वागत संगीत,
हृदय की कोमल थाली में
खिल रहें पुहुप पुनीत ।
–
मन चमन में फूल खिले हैं
और नेत्रों में प्रेम क्रंदन,
पूजा थाल लिए खड़े सब
सजा कर तिलक और चंदन ।
–
जन्माष्टमी के इस महापर्व में
सम्पूर्ण हुए आवभगत,
आओ मिलकर करें सब
श्री कृष्ण का हार्दिक स्वागत ।
–
अच्युत गोविंद दास
(इस्कॉन बैंगलोर)
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